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दिपक सर्राफ    असार २९, २०८३ सोमबार

माई के चुनरी में रथवा सजा के, नगर-नगर माई के परिक्रमा करावे के बा। भक्ति के दीप हर हृदय में जलावे क…

दिपक सर्राफ    चैत १८, २०८२ बुधबार

याे झरेको आँसु मेरो समस्या होइन - देशको पीडा हो, हावामा उडेको चीत्कार जस्तो जनताको मौन चिरा हो…

दिपक सर्राफ    माघ २४, २०८२ शनिबार

डर होइन, साहसले बोल्ने नेता, हक–अधिकार दिलाउने,  अन्यायसँग लड्ने राजनेता। आऊ, हामी खोजौ…

दिपक सर्राफ    मंसिर ९, २०८२ मंगलबार

मैयाँ सीता की जन्म भूमि, पावन औसर पर सोह्र श्रृंगार भईल बा, मिट्टीया से निकल विटीया के बतवा, मैया जा…

दिपक सर्राफ    साउन ८, २०८२ बिहिबार

नेता जी पनिया पियाईना दुअरिया के फुल सुख गइल, हमार गईया के जगाईना। दुःखे आँसू बचवतानी, नेता ज…


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